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बूंदाबांदी के बाद मौसम में ठंडक ऊनी कपड़े पहन निकले लोग

  • गेहूं, जौ और सरसों की बुवाई के लिए लाभदायक रहेगी बूंदाबांदी
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इलाके में मंगलवार सुबह अचानक मौसम ने पलटी मारी और दोपहर तक रूक-रूक कर बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। बूंदाबांदी के कारण लोगों को रोजाना के मुकाबले सर्दी का एहसास हुआ। सुबह वॉक पर निकले लोग ऊनी कपड़े पहने नजर आए। शहर के प्रमुख पार्कों में बुजुर्ग और युवा ट्रैक सूट, ऊनी जैकेट, हाफ बाजू स्वेटर, टोपी वाला स्वेट पहने हुए नजर आए। कुछ दिन पहले तक टीशर्ट में नजर आने वाले लोगों का पहनावा सर्दी के चलते बदल गया है। वेदर एक्सपर्ट्स ने सोमवार को ही इलाके में दोपहर बाद बूंदाबांदी की संभावना जताई थी। उनका कहना था कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल की तरफ से वेस्टर्न डिस्टर्बंेस का असर इलाके पर मौसम में बदलाव के रूप में नजर आएगा। इसका असर अब नजर आने लगा है। मंगलवार को रूक-रूक कर हुई बूंदाबांदी से इलाके में ठंडक बढ़ गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि अभी केवल बूंदाबांदी हुई है। इसलिए इसको मावठ तो नहीं कह सकते हैं, लेकिन फिर भी गेहूं, जौ और सरसों की बुवाई के लिए यह लाभदायक रहेगी। चने की फसल में नमी बहुत काम आती है। इसलिए बूंदाबांदी चने की फसल के लिए अच्छी रहेगी। यह नमी फसलों के अंकुरण में काफी सहायक होगी।
    नरमा-धान की खरीद में खलल
    उधर, बूंदाबांदी से धानमंडियों में कृषि जिन्स की खरीद का कार्य भी प्रभावित हुआ। टाउन की धानमंडी में बूंदाबांदी के चलते मंगलवार को नरमा व धान की बोली का कार्य बंद एकबारगी बंद कर दिया गया। खुले में पड़ी धान व नरमा की ढेरियों को तिरपाल से ढका गया। कृषि उपज मंडी समिति टाउन के कनिष्ठ लिपिक सुभाष कुमार ने बताया कि हल्की बारिश होने के कारण मंगलवार को टाउन धानमंडी में नरमा की नीलामी बंद करवा दी गई। किसानों की कृषि जिन्स को बारिश से बचाव के लिए मंडी में शैडों की व्यवस्था है। इसके अलावा तिरपाल से ढेरियों को ढकवाया गया है। मौसम में सुधार होने पर नरमा की बोली का कार्य दोबारा शुरू करवाया जाएगा। उन्होंने किसानों को भी सलाह दी कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दो-तीन हल्की बारिश होगी। इसलिए मंडी में आने वाले किसान अपनी कृषि जिन्स को तिरपाल से ढककर रखें ताकि उनकी उपज बारिश में न भीगे।