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पूर्व प्राथमिक शिक्षा अध्यापक पद को शिक्षा विभाग में मर्ज करने की मांग

  • राजस्थान राज्य पूर्व प्राथमिक (एनटीटी) शिक्षक संघ ने बीसूका उपाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    पूर्व प्राथमिक शिक्षा अध्यापक पद की वेतन श्रृंखला व पदोन्नति सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इस पद को शिक्षा विभाग में मर्ज करने की मांग को लेकर राजस्थान राज्य पूर्व प्राथमिक (एनटीटी) शिक्षक संघ ने शुक्रवार को बीस सूत्री कार्यक्रम उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री) डॉ. चन्द्रभान को ज्ञापन सौंपा। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य में एनटीटी अभ्यर्थियों को तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-1 पद पर 2008 से पूर्व पूर्णत: योग्य मानते हुए भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाता था। 2008 में एनसीटीई के नए प्रावधान के तहत एनटीटी पाठ्यक्रम (द्विवर्षीय) योग्यता के शिक्षकों को नर्सरी के साथ प्राथमिक स्तर की कक्षा 1 व 2 को पढ़ाए जाने तथा बीएसटीसी योग्यताधारी शिक्षकों को कक्षा पांचवीं तक पढ़ाने का प्रावधान कर दिया गया। राज्य में अन्य राज्यों की भांति एनटीटी की योग्यता पर आधारित नर्सरी के साथ कक्षा 1 व 2 को पढ़ाने के लिए अलग से पद नहीं होने के कारण राज्य के एनसीटीई व राज्य सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय होने के कगार पर आ गया था। इसके विरुद्ध लम्बे आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री ने अपने पिछले कार्यकाल में राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के साथ प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने के लिए पूर्व प्राथमिक शिक्षा अध्यापक नाम से नवीन पद के सृजन और भर्ती की बजट घोषणा 2011-12 में की थी। प्रथम बार टीएसपी क्षेत्र के लिए 500 पदों पर भर्ती की गई। इस नवीन पद के सृजन के निर्णय में शीघ्रता के कारण इसकी वेतन श्रृंखला, सेवा तथा पदोन्नति के नियम शिक्षक पद के अनुसार निर्धारित नहीं हो सके थे। वर्तमान में इस पद की वेतन श्रृंखला ग्रेड पे-2400 के अनुसार निर्धारित है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा के समय 2011 में सीएम और उच्चाधिकारियों की ओर से इस पद के सभी प्रावधान शिक्षक पद के अनुसार शीघ्र करने का आश्वासन दिया था। लेकिन दस वर्षों में भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिलने के कारण इस पीड़ित शिक्षक वर्ग में असंतोष पनप रहा था। इस पीड़ा के समाधान की मांग सीएम, सीएमओ तथा वित्त विभाग के उच्चाधिकारियों और केबिनेट के मंत्रियों के समक्ष बजट पूर्व अनेकों बार ज्ञापन देकर की गई थी। उनकी ओर से आश्वासन दिया गया था कि इस पद की वेतन श्रृंखला योग्यतानुसार पे-मेट्रिक्स लेवल-10 (तदनुसार ग्रेड पे-3600), पदोन्नति तथा सेवा नियम आदि सभी प्रावधान शिक्षक पद के अनुसार करते हुए शिक्षा विभाग में स्थाई मर्जर के लिए घोषणा करवाई जाएगी। 3 मार्च को मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा में बजट घोषणा के जवाब में घोषणा की गई है। इस घोषणा की क्रियान्विति तथा इस पद की वेतन श्रृंखला, पदोन्नति तथा सेवा नियम आदि के स्थाई समाधान के लिए प्रमुख शासन सचिव (वित्त) की ओर से शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा वित्त विभाग की बैठक का आयोजन करवाया गया है तथा शिक्षा विभाग से प्रस्ताव मंगवाया गया है। ज्ञापन में वेतन श्रृंखला तथा पदोन्नति, शिक्षा विभाग की ओर से मर्ज के लिए अलग से सृजित किए जा रहे पद को शिक्षा विभाग में टीएसपी के प्रतिबंध से मुक्त रखने, मर्जर के साथ ही अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिए तीन माह के ब्रिजकोर्स से पहले प्रदेश स्तर पर काउंसलिंग करवाते हुए वरिष्ठता और चयन की वरीयता तथा दिव्यांगों को वरीयता देने हुए अपने गृह जिले का विकल्प देने तथा राज्य के सभी महात्मा गांधी विद्यालयों तथा विवेकानन्द मॉडल विद्यालयों में नर्सरी शिक्षा के लिए इन पूर्ण प्रशिक्षित योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रावधान करने की मांग की गई। इस मौके पर सरिता जाखड़, सुमित्रा देवी, अंजू रानी, सरिता डूडी, सुशील कुमार, विजयलक्ष्मी, वन्दना, निर्मला, शकुंतला आदि मौजूद थे।