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पीएफआई पर बैन से उपद्रव की आशंका:राजस्थान इंटेलिजेंस ने कलेक्टर-एसपी को किया अलर्ट, कहा- अतिरिक्त फोर्स तैनात लगाए

जयपुर. केन्द्र सरकार के पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया पर बैन के बाद राज्य सरकार ने अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने राज्य के कलेक्टर-रढ को सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। पीएफआई पर बैन के बाद उपद्रव की आशंका लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
राजस्थान इंटेलिजेंस के अफसरों ने बताया- केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को अवैध गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत पीएफआई, उसके सहयोगियों, मोर्चों को ‘गैर कानूनी संघ’ घोषित करने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद हमने सभी जिला कलेक्टर-एसपी को पीएफआई पर रोक लगाने के बारे में सतर्क रहने का निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 22 सितंबर को जयपुर में पीएफआई कार्यालय और कोटा व बारां जिलों में संगठन से जुड़े लोगों के आवास और ठिकानों की तलाशी ली थी। उसी दिन दो लोगों को पीएफआई ने गिरफ्तार भी किया था। जयपुर में ठकअ की टीमों ने मोतीडूंगरी रोड स्थित पीएफआई के दफ्तर में छापेमारी कर दस्तावेज व डिजिटल सबूत जब्त किए थे।
पीएफआई पर बैन करने के बाद एक रिपोर्ट राज्य सरकार को केन्द्र को देनी है। जिसमें जमीन और बिल्डिंग को लेकर बताना होगा कि ये जगह पीएफआई को किसने दी और कब से दी । संभवत: केन्द्र सरकार जमीन और बिल्डिंग को लेकर भी कोई कार्रवाई कर सकती है। निगम और नगर परिषद से इसकी जानकारी मांगी जा रही है।
पीएफआई के जयपुर, कोटा, बारां में आॅफिस और ठिकानों पर पीएफआई, ईडी और पुलिस ने 22 सितंबर को रेड मारी थी। जयपुर के मोतीडूंगरी रोड पर पीएफआई आॅफिस पर रेड के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय पीएफआई कार्यकर्ता विरोध में उतर आए थे। पीएफआई के झंडे लहराए गए थे। बाद में बैनर के साथ ठकअ की कार्रवाई का विरोध किया गया। कोटा और बारां से 2 गिरफ्तारी भी हुई थी।
पीएफआई ने कोटा और बारां से संदिग्धों को हिरासत में लिया था। बारां से सादिक हुसैन नाम के शख्स को हिरासत में लिया गया था। सादिक हुसैन का जिला सचिव है। उससे पूछताछ हुई, तो अजमेर के ब्यावर और सरवाड़ में बड़े नेटवर्क का पता चला था। उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड में पीएफआई के शामिल होने की बात भी सामने आई थी।