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पार्टी को मजबूत करने के लिए हुआ मंथन

  • 26 नवंबर को जयपुर में संयुक्त किसान मोर्चा की रैली पर भी चर्चा
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की बैठक गुरुवार को जंक्शन में हुई। इसमें पार्टी को मजबूत करने पर मंथन किया गया। साथ ही 26 नवंबर को जयपुर में होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की रैली पर चर्चा की गई। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने बताया कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की केन्द्रीय कमेटी की बैठक 29, 30 व 31 अक्टूबर को हुई थी। इसके बाद 2 व 3 नवंबर को जयपुर में राज्य कमेटी की बैठक हुई। इसमें पार्टी की प्रभारी वृन्दा करात मौजूद रही थी। इन बैठकों में कुछ निर्णय लिए गए। वर्मा ने कहा कि इन बैठकों में निर्णय लिया गया कि देश के वर्तमान हालातों को देखते हुए मार्क्सवादी पार्टी को मजबूत करना होगा। क्योंकि लगातार महंगाई बढ़ रही है। र्इंधन के भाव में बढ़ोतरी हो रही है। बेरोजगारी भी आज देश का सबसे बड़ा मुद्दा है। केन्द्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने में लगी हुई है। कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में नई शिक्षा नीति केन्द्र सरकार लेकर आई है। यह शिक्षा नीति आम जनता के खिलाफ है। शिक्षा को इतना महंगा किया जा रहा है कि आम आदमी का बच्चा पढ़ नहीं सकेगा। वह डॉक्टर, इंजीनियर नहीं बन सकेगा। किसान को उसका फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा। एक साल तक लम्बा किसान आंदोलन चला। तब केन्द्र सरकार के साथ चार मुद्दों पर समझौता हुआ था। समझौते में केन्द्र सरकार ने कहा कि बिजली बिल 2020 को संसद में नहीं रखा जाएगा। लेकिन वह बिल संसद में सरकार ले आई। अब वह बिल पास किया जा रहा है। इसका आम उपभोक्ता व किसानों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग ने कहा था कि फसल पर होने वाली लागत का डेढ़ गुणा भाव किसानों को दिया जाएगा। लेकिन वह नहीं दिया जा रहा। फसल की कीमत तय नहीं की जा रही। कीमत तय है तो इतनी कम है कि मजबूरन किसान को अपनी फसल निजी हाथों में बेचनी पड़ रही है। वर्मा ने बताया कि बैठकों में निर्णय लिए गए इन सभी मुद्दों को तभी आगे बढ़ाया जा सकता है जब लोगों के बीच पार्टी की दखलअंदाजी ज्यादा होगी। लोगों के बीच पहुंच अधिक होगी। इसके लिए गुरुवार को जिला मुख्यालय पर हुई बैठक में पार्टी को मजबूत करने पर मंथन कर निर्णय लिया गया कि लोगों के दुख-दर्द, तकलीफ में उनके बीच पहुंचेंगे। इन सभी मुद्दों को लेकर मजबूत आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में निर्णय लिया गया कि 26 नवंबर को राज्य की राजधानी जयपुर में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रस्तावित रैली में अधिकाधिक संख्या में जिले से किसान पहुंचेंगे। बैठक में आत्मासिंह, बहादुर सिंह चौहान, सुरेन्द्र शर्मा, अमीर खान, सर्वजीत कौर, शेरसिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।