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पांचवें दिन जिंदगी की जंग हारी अलका, ग्रामीणों ने सात घंटे तक जाम रखा श्रीगंगानगर मार्ग

  • परिवार को आर्थिक मदद व लोक परिवहन बस का परमिट निरस्त करने सहित कई मांगों पर बनी सहमति
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    गांव बनवाला के बस स्टैंड पर पांच दिसम्बर को लोक परिवहन बस की चपेट में आने से गम्भीर रूप से घायल हुई गांव पक्कासारणा निवासी युवती अलका कटारिया (20) पुत्री भंवरलाल आखिर जिंदगी की जंग हार गई। बिन मां-बाप की बेटी अलका का श्रीगंगानगर के निजी अस्पताल में पांच दिसम्बर से इलाज चल रहा था। शनिवार शाम को करीब चार बजे अलका ने दम तोड़ दिया। उधर, युवती की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार सुबह करीब नौ बजे गांव पक्कासारणा के बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। पुरुषों के साथ काफी संख्या में महिलाएं मृतका के परिवार को आर्थिक मदद देने व लोक परिवहन बस का परमिट निरस्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर बीच सड़क बैठ गर्इं और चक्काजाम शुरू कर दिया। तब तक मृतका के शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। जाम लगने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व गोलूवाला मार्ग पर वाहनों की लम्बी कतारें लग गर्इं। जाम लगाकर बैठे ग्रामीणों ने मृतका अलका के परिवार को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपए की सहायता देने, दुर्घटना कारित करने वाली लोक परिवहन बस का परमिट निरस्त करने, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में इलाज की अनुमति होने के बावजूद अलका के इलाज के बदले रुपए लेने वाले श्रीगंगानगर के निजी अस्पताल के खिलाफ जांच करने और अलका के भाई को ग्राम पंचायत में संविदा पर आजीवन कार्यरत रखने की मांग की। जाम लगाने की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार, सदर पुलिस थाना प्रभारी लखवीर सिंह गिल, पक्कासारणा सरपंच प्रतिनिधि त्रिलोक सहारण, बनवाला सरपंच प्रतिनिधि कुलदीप सिंह, राजेश नोखवाल आदि मौके पर पहुंचे। मौक पर पुलिस का जाप्ता तैनात रहा। प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश के प्रयास किए। प्रशासन ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मृतका के परिवार को पांच लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दिलवाने व उपचार के दौरान श्रीगंगानगर के निजी अस्पताल की ओर से इलाज के बदले वसूल की गई राशि वापस दिलवाने का मौखिक भरोसा दिलवाया। लेकिन ग्रामीण लिखित में देने की बात पर अड़े रहे। प्रथम दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के कारण ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। साथ ही ग्रामीणों में पंचायत समिति प्रधान के पैतृक गांव में धरना चलने लेकिन स्वयं प्रधान या प्रधान प्रतिनिधि अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य के मौके पर नहीं आने पर भी ग्रामीणों में गुस्सा नहर आया। तब तक श्रीगंगानगर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद परिजन श्रीगंगानगर से शव लेकर पक्कासारणा रवाना हो गए। शव के पहुंचने से पहले शाम करीब चार बजे जाम स्थल पर दूसरे दौर की वार्ता हुई जो सफल रही। सार्थक रही दूसरे दौर की वार्ता में तमाम मुद्दों पर सहमति बनने के बाद आखिर ग्रामीणों ने करीब सात घंटे बाद शाम सवा चार बजे जाम हटा दिया। इसके बाद मृतका अलका का शव ले उनके निवास स्थान ले जाया गया। जाम खुलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।