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निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मिली खामियां, थमाए नोटिस

  • किसी में नियमानुसार नहीं मिले बेड तो किसी में मार्गदर्शक
    श्रीगंगानगर।
    मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में लगातार बरती जा रही लापरवाहियों की शिकायत पर चिकित्सा विभाग की टीम ने शहर के कई अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान शहर के नामी अस्पतालों में नियमानुसार जो सुविधाएं मिलनी थी उनके से अधिकांश सुविधाए निरीक्षण में नहीं मिली। ऐसे में जहां-जहां व्यवस्थाओं में खामी पाई गई उन अस्पतालों को चिकित्सा विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया है। जानकारी अनुसार चिकित्सा विभाग की टीम ने गुरुवार को मीरा मार्ग स्थित जिंदल ईएनटी हॉस्पीटल का निरीक्षण किया गया। जहां स्वास्थ्य मार्गदर्शक नहीं मिला। इतना ही नहीं यहां महाराष्ट्र नर्सिंग काउंसिल से रजिस्ट्रड स्टाफ और हॉस्पीटल में स्टूडेंट्स ड्यूटी करते मिले। जबकि मात्र दो स्टाफ की रजिस्ट्रड मिला। इसके बाद नागपाल किडनी हॉस्पीटल के निरीक्षण में हेल्प डेस्क, प्रचार-प्रसार व नियमानुसार बैड की संख्या अनुपात में कम पाई गई। इसके अलावा चिरंजीवी लाभार्थियों को ईलाज भी योजना में करने की जगह पैसे लेकर किया जा रहा था। यहां भी नर्सिंग स्टूडेंट्स कार्य करते मिले। आदर्श नर्सिंग होम में हेल्पडेस्क नियमानुसार नहीं मिला। इतना ही नहीं केवल दो नर्सिंग स्टाफ मिले और जांच में प्रबंधक ने भी सहयोग नहीं किया। शुभम हॉस्पीटल में हेल्प डेस्क व प्रचार सामग्री नहीं मिली। कोई भी चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ मौके पर नहीं मिला। मेक्सकेयर हॉस्पीटल में नर्सिंग स्टूडेंट्स ड्यूटी करते मिले व बैड की संख्या के अनुपात में कमी पाई गई। जनता हॉस्पीटल में हेल्प डेस्क, प्रचार सामग्री व बैड की संख्या अनुपात में कमी मिली और पंजाब मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रड स्टाफ कार्यरत मिला। सभी अस्पतालों में उक्त खामियों को देखते हुए सात दिवस में सुधार के निर्देश देते हुए पाबंद किया गया है।
    टीम यह रहे शामिल,सात दिन का दिया समय
    मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने वाली टीम में सीएमएचओ डॉ. मनमोहन गुप्ता, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. करण आर्य व डीपीसी डॉ. सुनील बिश्रोई ने विभिन्न हॉस्पीटलों का निरीक्षण किया। जिसमें खामियां मिलने पर संबंधित हॉस्पीटलों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी को सात दिवस में अस्पतालों में व्यवस्था सुधार के भी निर्देश दिए गए है। इसके अलावा इन्हे जारी किए नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों को यह भी निर्देश दिए गए है कि अस्पताल में जब भी स्टाफ बदला जाए तो इसकी सूचना विभाग को दी जाए।