Monday, January 30निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

नाबालिग का अपहरण, दुष्कर्म व हत्या के मामले में एक दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा

  • 70 हजार रुपए के अर्थदंड से भी किया दंडित
  • विद्युत डीपी में मिला था नाबालिग का शव
  • कोर्ट में ट्रायल के दौरान चार अन्य आरोपित हुए फरार
    धौलपुर। जिले के विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने बाड़ी कोतवाली थाना इलाके में वर्ष 2014 में दर्ज हुए 14 वषीर्या नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में एक आरोपित को दोषी करार देते हुए उसे बीस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 70 हजार रुपए के जुमार्ना से दंडित किया गया है। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि मामला धौलपुर जिले के बाड़ी कोतवाली थाना इलाके का है।
    एक परिवादी ने मामला दर्ज कराया कि 25 अगस्त 2014 की रात को उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री परिवारीजनों के साथ सो गई थी और सुबह वह घर पर नहीं मिली। जिसके बाद पुत्री को तलाश किया गया तो पुत्री का शव सरमथुरा रोड पर विद्युत डीपी में मिला था। मृतका के पास मोबाइल भी मिला। इस पर बाड़ी कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज अनुसंधान के दौरान आरोपित रामनरेश को गिरफ्तार किया। आरोपित की सूचना पर अन्य आरोपितों दिग्विजय, बंटी उर्फ लोकेश, धर्मेन्द्र उर्फ मंदिर और लवकुश को गिरफ्तार कर पॉक्सो न्यायालय में पेश किया गया।
    सभी आरोपित राजस्थान उच्च न्यायालय से जमानत पर चल रहे हैं। मिश्रा ने बताया कि ट्रायल के दौरान लवकुश, बंटी, दिग्विजय और धर्मेन्द्र फरार हो गए। आरोपित रामनरेश ट्रायल के दौरान उपस्थित रहा। मामले में लोक अभियोजक की ओर से 38 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। न्यायाधीश जमीर हुसैन ने बहस सुनने के बाद गुरुवार को रामनरेश पुत्र रामसेवक को आइपीसी की धारा 363, 366, 376 का दोषी करार देते हुए धारा 363, 366 में 5-5 वर्ष का कारावास और दस-दस हजार रुपए का जुमार्ना एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में 20 वर्ष के कठोर कारावास और पचास हजार रुपए के जुमार्ना से दंडित किया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।