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दहेज की मांग पूरी न करने पर विवाहिता को छत से फेंका

  • हत्या प्रयास व दहेज प्रताड़ना के आरोप में मामला दर्ज, पति, सास-ससुर नामजद
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    शादी में कम दहेज लाने की बात कह विवाहिता को प्रताड़ित करने, जान से मारने की नियत से सोते समय गला दबाने व छत से नीचे फेंकने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिले के भिरानी पुलिस थाना में विवाहिता की रिपोर्ट पर हत्या प्रयास और दहेज प्रताड़ना के आरोप में उसके पति, सास-ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जानकारी के अनुसार राजबाला पुत्री प्रतापसिंह मेघवाल निवासी बीवीपुर हाल छानीबड़ी ने अपने भाई रतनसिंह के साथ थाना पहुंचकर रिपोर्ट दी कि उसका विवाह रोहताश पुत्र धनपत मेघवाल निवासी बीवीपुर के साथ 13 जून 2004 को हुआ था। विवाह में उसके पिता व भाइयों ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया था। लेकिन दान-दहेज से उसका पति, सास रोशनी व ससुर धनपत पुत्र घड़सीराम खुश नहीं हुए। उसे कहा कि 51 हजार रुपए व मोटर साइकिल नहीं देकर समाज में बेईज्जती करवा दी। दहेज की मांग को लेकर आए दिन उसके पति, सास व ससुर मारपीट करते, खाना नहीं देते, घर का सारा काम करवाते व तरह-तरह के ताने देते। इसी बीच उसके पुत्री व पुत्र पैदा हुआ। तब भी उसके पिता व भाई की ओर से दी गई नकदी व सामान से ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं हुए। उसे तंग-परेशान करने लगे। इस व्यवहार को देख कर उसके पिता बीमार रहने लगे। इसी सदमे में उसके पिता की 2011 में मृत्यु हो गई। उसके पिता की मृत्यु के बाद उसके पति, सास व ससुर ने कहा कि अब उसके पीहर में उसके पिता की जमीन में जो हक व हिस्सा उसका बनता है वह हक व हिस्सा की अपनी जमीन बेच कर पैसे लाकर दो। उस पैसे से वे अपने दहेज की पूर्ति करेंगे। लेकिन उसने 2018 में अपने हक व हिस्से की कृषि भूमि का हक त्याग कर दिया। जब उसके पति, सास व ससुर को इस बारे में पता चला तो दहेज की मांग को लेकर उनका अत्याचार और ज्यादा बढ़ गया। पंचायत भी हुई लेकिन ससुराल पक्ष ने तंग-परेशान करना जारी रखा। उसके पति, सास, ससुर कहने लगे कि अगर वह दहेज में रुपए व मोटर साइकिल के अलावा अपने हिस्से की जमीन के पैसे लेकर नहीं आई तो वे उसे जान से मारकर रोहताश की किसी दूसरी लड़की के साथ शादी करेंगे व अच्छा दहेज लाएंगे। वे उसे जान से मारने की फिराक में रहने लगे। 14 जून को रात्रि में वह छत पर सोई हुई थी। रात्रि करीब 11 बजे उसके पति, सास व ससुर छत पर आए व उसके सोई हुई के मुंह पर तकिया रख कर दबाने लगे। तब उसे जाग आ गई। वह खुद को छुड़ाने लगी तो तीनों ने उसके साथ थाप-मुक्कों से मारपीट की तथा जान से मारने की नियत से छत से नीचे गिरा दिया। इससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया व सिर में चोट लगी। वह बेहोश हो गई। जब होश आया तो उसके सिर से खून बह रहा था। पूरे शरीर में दर्द हो रहा था। उसके हाथों, पैरों व आंखों पर सूजन थी। उससे उठा नहीं जा रहा था। इसका पता चलने पर उसका चाचा मदन व चाची मूर्ति गांव बीबीपुर उससे मिलने आए तो पति, सास व ससुर ने मिलने नहीं दिया। 16 जून को उसके पीहर पक्ष से रतनसिंह, महेन्द्र, मदन, मोहन, जयसिंह, कृष्ण, मूर्ति, राजबाला, शारदा आए और उसे अपने साथ गांव छानीबड़ी ले गए। गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सीटी स्केन करवाया व पैर पर प्लास्टर करवाया। पीहर पक्ष के लोगों ने उसके पति, सास व ससुर को ओलमा दिया तो उन्होंने कहा कि उन्हें दहेज में 51 हजार रुपए व मोटर साइकिल नहीं दोगे तो वे उनकी लड़की को नहीं बसाएंगे। स्त्रीधन भी देने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने हत्या प्रयास व दहेज प्रताड़ना के आरोप में मामला दर्ज किया है। जांच थाना प्रभारी ओमप्रकाश सुथार कर रहे हैं।