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डेढ़ साल लाइब्रेरी में अध्ययन करने वाले उत्तमसिंह ने क्लियर की आईआईटी

  • वर्तमान जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने अपने चैम्बर में बुलाकर की हौसला अफजाई
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    तत्कालीन जिला कलक्टर पीसी किशन की ओर से जंक्शन के सुरेशिया क्षेत्र में खोली गई लाइब्रेरी में करीब डेढ़ साल तक अध्ययन करने वाला उत्तमसिंह आईआईटी क्लियर कर अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से उत्तमसिंह के पिता गजेन्द्रसिंह वेल्डिंग वर्क्स का कार्य करते हैं। तंगहाली के बीच मोहल्ले के लोगों की बातों पर ध्यान न देकर आईआईटी को अपना लक्ष्य बनाने वाले उत्तम ने आज कड़ी मेहनत और लग्न के दम पर सफलता हासिल की है। शुक्रवार को वर्तमान जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने उत्तम को अपने चैम्बर में बुलाकर पैन भेंट कर बधाई देते हुए उसकी हौसला अफजाई की। साथ ही हरसंभव सहयोग करने की बात कही। इस दौरान आईआईटी क्लियर करने वाले उत्तम ने बताया कि उसने तत्कालीन जिला कलक्टर पीसी किशन की ओर से खुलवाई गई लाइब्रेरी में करीब डेढ़ साल तक अध्ययन किया था। उसके पिता रोजाना सुबह वैल्डिंग वर्क्स का कार्य करने जाते तो वह उन्हें देखकर सोचता था कि वह अपने परिवार के लिए कुछ करे। इसके लिए उसने आईआईटी को अपना टारगेट बनाया। आज उसने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। उत्तम के अनुसार उसका सपना इंजीनियर बनने का था। शुरू में उसे काफी परेशानियां आर्इं। उनके परिवार पर काफी कर्जा हो गया था। मोहल्ले के जो लोग उनसे कभी पूछते भी नहीं थे वे भी आज बधाई दे रहे हैं। रोजाना घर पर आ रहे हैं। वहीं जिला कलक्ट्रेट के कार्यालय अधीक्षक बृजमोहन सोखल ने बताया कि तत्कालीन जिला कलक्टर पीसी किशन की ओर से हनुमानगढ़ जिले में कुल 39 लाइब्रेरी खोली गई थी। इनमें से 7 लाइब्रेरी हनुमानगढ़ तहसील में खोली गई थी। पीसी किशन के जिला कलक्टर रहते समय इन लाइब्रेरियों में लगातार नशे के खिलाफ एक अभियान चलाया गया। तब लाइब्रेरी में शतरंज प्रतियोगिता होती थी। शतरंज में बच्चों की टॉप टेन में गिनती होती थी। इन लाइब्रेरी में काफी किताबें रखी गर्इं। यहां तक कि कानपुर से मंगवाई गई हिन्दी मीडियम की आईआईटी की किताबें भी पढ़ने के लिए यहां रखवाई। क्योंकि पीसी किशन का मानना था कि अगर फंडा क्लियर हो गया तो बच्चे आईआर्ईटी में पहुंच सकते हैं। वे आईएएस और आरएएस बन सकते हैं। तत्कालीन जिला कलक्टर पीसी किशन का मिशन आज इतने सालों बाद फलीभूत होता नजर आ रहा है। क्योंकि वैल्डिंग वर्क्स का कार्य करने वाले सुरेशिया बस्ती निवासी गजेन्द्र के बेटे उत्तम ने आईआईटी क्लियर करने में सफलता हासिल की है। खड़गपुर में उसका नम्बर आया है। विशाल तत्कालीन जिला कलक्टर पीसी किशन के लगातार सम्पर्क में था। सोखल ने बताया कि इस संदर्भ में उनकी गुरुवार रात्रि को तत्कालीन जिला कलक्टर पीसी किशन से दूरभाष पर बात हुई थी। पीसी किशन यह समाचार सुनकर काफी खुश हुए। साथ ही कहा कि पीसी किशन का कहना था कि विशाल से प्रेरित होकर दूसरे बच्चे भी नशे से दूर रहकर आगे बढ़ें और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें। सोखल ने बताया कि आज उक्त लाइब्रेरियां अनदेखी का शिकार हो गई हैं और अधिकतर बंद हो चुकी हैं। इन लाइब्रेरियों की मॉनिटरिंग भी नहीं हो पा रही। तत्कालीन जिला कलक्टर पीसी किशन के पदस्थापित रहते समय तक इन लाइब्रेरियों में बकायदा सफाई कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। लगातार मॉनिटरिंग करवाई जा रही थी। मॉनिटरिंग न होने के कारण आज यह लाइब्रेरियां धूल फांक रही हैं।