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टोक्यो ओलिंपिक- खूब खेलीं लड़कियां:एक्साइटमेंट और नर्वसनेस में मोनिका मलिक के परिवार ने नहीं देखा मैच;टीम हारी तो भी बुलंद रखे हौसले, बोले-मजबूत हुई लड़कियां,मेडल अगली बार सही

चंडीगढ़

भारतीय महिला हॉकी का ग्रेट ब्रिटेन से मुकाबला था। पूरे देशवासियों के साथ-साथ खिलाड़ियों के परिवार को भी ब्रॉन्ज मेडल की पूरी आस थी। लेकिन मेडल नहीं आ पाया। देशवासियों के साथ-साथ परिजन भी मायूस तो हुए लेकिन हौसला नहीं टूटा। बोले, लड़कियों ने अच्छा परफॉर्म किया, मेडल न आने का दुख तो है लेकिन इसे ही खेल कहते हैं। अगली बार मेडल जरूर आएगा।

उधर चंडीगढ़ में मोनिका मलिक के परिवार में सुबह से ही मीडिया ने अपना अड्‌डा बना लिया था। वह मीडिया से बात जरूर कर रहे थे लेकिन परिवार का कोई भी सदस्य एक्साइटमेंट और नर्वेसनेस के चलते मैच नहीं देख रहा था। मीडिया वालों से ही वह बीच-बीच में स्कोर पूछ लेते थे। दूसरे क्वार्टर में जब तब ब्रिटेन और भारत का स्कोर 2-1 रहा, सदस्यों के चेहरों पर थोड़ी मायूसी जरूर दिखी। लेकिन जैसे ही भारतीय टीम ने एक के बाद एक दो गोल किए और स्कोर 2-2 पर आ गया तो सभी के चेहरों पर मुस्कान आ गई।

इसके बाद जब भारत ने एक और गोल किया तो मेडल की आस और मजबूत हो गई। लेकिन हाफ इंटर्वल के बाद मैच ने फिर से पलटी खाई और आखिरकार इंडिया लूज कर गया। हालांकि पूरे मैच के दौरान भारतीय महिला टीम की खिलाड़ियां पूरे जज्बे के साथ खेलती नजर आईं और आखिर तक लड़ी। पर नियती को शायद कुछ और ही मंजूर था।

खैर, जब भारतीय टीम ब्रॉन्ज नहीं जीत पाई तो मोनिका के परिवार के सदस्य कुछ सेकेंड्स के लिए चुप जरूर हो गए पर फिर बोल-छोरियां खेली तो खूब हैं। मोनिका के पिता जो मैच से पहले,मैच के दौरान इंडियन टीम के लिए पूजा करते रहे, वे मैच के बाद फिर से हाथ जोड़कर पूजा करने लगे। ये पूजा अगले ऑलंपिक्स में भारतीय टीम की जीत के लिए थी। बातचीत में मोनिका के पिता तकदीर सिंह ने कहा कि मैच से पहले गुरुवार को ही उनकी मोनिका से बात हुई थी। तब मोनिका ने कहा था कि वह अपना 100 प्रतिशत देगी। मैंने भी यही कहा था कि बेटा अच्छे से खेलना।

वहीं मोनिका की भाभी अनु मलिक ने कहा कि सभी खिलाड़ियों की कोशिश अच्छी रही। मोनिका के भाई आशीष का कहना था कि भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए ये एक अच्छी शुरुआत है। पहली बार ऑलंपिक्स में भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। आज लड़कियां पूरे जज्बे के साथ लड़ी हैं। परफॉर्मेंस सभी की अच्छी रही है। इनके हौसले देखकर और लड़कियां भी प्रेरित होंगी और हॉकी को ऑप्ट करेंगी।

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