Tuesday, December 6निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

झूलते तार से करंट खाकर अपाहिज हुई बच्ची को अदालत से मिला न्याय, पांच लाख का मिलेगा मुआवजा

उदयपुर। उदयपुर की स्थायी लोक अदालत ने एक ऐसा फैसला दिया है जिससे एक ओर सरकारी निगमों द्वारा बचाव के चलते पेश कर दिए जाने वाले झूठ की प्रवृत्ति को लताड़ मिली है, वहीं एक मासूम को न्याय मिला है। मामला करंट के चलते आजीवन अपाहिज हो जाने वाली एक बालिका से जुड़ा है। स्थायी लोक अदालत ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की गलती मानते हुए उसे पांच लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
हाईटेंशन लाइन से छू जाने से करंट का लगा झटका
मामला यह था कि जावरमाइंस थानाक्षेत्र के अदवास क्षेत्र के ढीमड़ी में रहने वाली 9 वषीर्या दीपिका 27 जुलाई 2021 को सुबह 9 बजे विद्यालय से गृहकार्य के लिए जा रही थी, रास्ते में वणात घाटी शिव मंदिर मार्ग पर कुत्ते पीछे पड़ गए और सामने से भैंस आ गई। उसे बचाव के लिए कुछ नहीं सूझा तो वह पास में स्थित चारदीवारी पर जैसे-तैसे चढ़ गई। लेकिन, उसकी किस्मत खराब थी। उसका हाथ चारदीवारी के ऊपर झूल रही हाईटेंशन लाइन से छू गया। उसे करंट का झटका लगा और झुलसकर अचेत हो गई।
उपचार के दौरान उसका दायां हाथ कंधे से काटना पड़ा
उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे उदयपुर शहर के एमबी हॉस्पिटल रेफर किया गया। वहां उपचार से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए वे उसे एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान उसका दायां हाथ कंधे से काटना पड़ा।
इस मामले में जब उसके पिता शंकर सिंह ने मुआवजे के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया तो अदालत ने अजमेर विद्युत वितरण निगम से जवाब मांगा। निगम ने बिना कुछ सोचे-समझे अदालत में यह जवाब प्रस्तुत कर दिया कि बच्ची का हाथ तो गैंगरीन की बीमारी के कारण काटा गया जो उसे पहले से थी। हालांकि, अदालत में निगम का यह झूठ दो कदम भी नहीं चल पाया, जब न्यायालय ने फैसला सुनाया तो निगम के इस तरह के जवाब पर नाराजगी भी दर्ज की।
मानव जीवन को संकट न हो
पीड़िता के अधिवक्ता विजय सिंह ने बताया कि पुलिस अनुसंधान के आधार पर यह साबित हुआ कि हाईटेंशन लाइन चारदीवारी से चार फीट ऊंची थी और चारदीवारी 5 फीट ऊंची थी। यानी जमीन से हाईटेंशन लाइन 9 फीट ऊंचाई पर झूल रही थी जो विद्युत वितरण निगम की लापरवाही को दशार्ता है। नियमानुसार हाईटेंशन लाइन इतनी ऊंची होनी चाहिए कि मानव जीवन को संकट न हो। मेडिकल रिपोर्ट में भी करंट से झुलसे हाथ को काटने का कारण दशार्या गया।
लोक अदालत ने पीड़िता को राहत प्रदान की
स्थायी लोक अदालत ने सारे तथ्यों के आधार पर पीड़िता को राहत प्रदान करते हुए राजस्थान राज्य विद्युत निगम के प्रतिकर नियम के तहत अजमेर विद्युत निगम को 5 लाख रुपये हजार्ने सहित मानसिक संताप व वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये अतिरिक्त प्रदान करने के आदेश दिए। दो माह में राशि अदा नहीं करने पर 20 हजार रुपये पैनल्टी व 6 प्रतिशत ब्याज देने के आदेश प्रदान किए।