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जिला कलक्टर ने किया रामलीला का उद्घाटन

  • रावण-नंदी संवाद का दृश्य देखकर दर्शक हुए रोमांचित
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    जंक्शन की दुर्गा मंदिर धर्मशाला में करीब बीस साल बाद खेली जा रही श्री रामलीला के मंचन का विधिवत आगाज रात्रि को जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने किया। श्री रामलीला मंचन समिति के बैनर तले हो रहे श्री रामलीला के मंचन के उद्घाटन मौके पर नगर परिषद की निर्माण समिति के अध्यक्ष व पार्षद सुमित रणवां, दुर्गा मंदिर धर्मशाला अध्यक्ष कमलेश लखोटिया, पार्षद हिमांशु महर्षि, मैना बाई, नारायण नायक, मोहित बलाड़िया, पूर्व उपसभापति कालूराम शर्मा ने अतिथियों के रूप में शिरकत की। प्रथम दिन नारद मोह और रावण नंदी संवाद के दृश्यों का मंचन किया गया। रावण की भूमिका में पंडित गिरिराज शर्मा और नंदी की भूमिका में 50 वर्ष पुराने रेलवे रामलीला के कलाकार प्रेम दायमा दिखे। रावण-नदी संवाद के दृश्य ने दर्शकों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। इस दृश्य को दर्शकों ने खूब सराहा। इस दौरान कलाकारों की ओर से नारद मोह व कैलाश पर्वत के दृश्यों का मंचन भी किया गया। इस मौके पर जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने कहा कि रामचरित मानस समाज की मर्यादा, भारतीय संस्कृति व संस्कार का महान ग्रंथ है तथा रामलीला भारतीय समाज की संस्कारशाला है। उन्होंने समाज के लोगों से प्रभु रामायण के आदर्श पात्रों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। समिति के महासचिव बलजीत सिंह ने बताया कि श्रीराम की लीलाओं का मंचन 6 अक्टूबर तक होगा। रोजाना अलग-अलग अतिथियों की ओर से देवी-देवताओं की झांकी की पूजा-अर्चना कर श्री रामलीला की शुरूआत करवाई जाएगी। 5 अक्टूबर को जिला कलक्ट्रेट के सामने दशहरा ग्राउंड में दशहरा महोत्सव मनाया जाएगा। रामलीला मंचन के दौरान रोजाना रामलीला से संबंधित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जा रहा है। श्री दक्षिण मुखी बालाजी धाम न्यास की ओर से प्रथम दो विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। रामलीला मंचन में पुराने व मंझे हुए कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। करीब 50 सालों से रामलीला मंचन में हिस्सा ले रहे गिरीराज शर्मा रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। समिति ने रामलीला मंचन के लिए नए कलाकारों को भी मौका दिया है। समिति सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि दुर्गा मंदिर धर्मशाला में 20 वर्ष बाद रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। कोरोना काल के चलते दो साल से रामलीला बंद थी। इस बार रामलीला शुरू होने से लोगों में काफी उत्साह है। उन्होंने बताया कि श्री रामलीला में 25 सितम्बर को श्रवण नाटक व राम जन्म, 26 सितम्बर को ताड़का वध व सीता स्वयंवर, 27 सितम्बर को सीता-राम विवाह व वनवास, 28 सितम्बर को राम-भरत मिलाप, 29 सितम्बर को पंचवटी व स्वरूपनखा, 30 सितम्बर को सीता हरण व हनुमान मिलन, 1 अक्टूबर को बाली वध, 2 अक्टूबर को लंका दहन, 3 अक्टूबर को लक्ष्मण मूर्छा, 4 अक्टूबर को कामख्या देवी के दृश्यों का मंचन किया जाएगा। 5 अक्टूबर को दशहरा महोत्सव व अंतिम दिन 6 अक्टूबर को राजतिलक के साथ श्री रामलीला का विधिवत समापन होगा। उन्होंने बताया कि शंभू सेवा समिति की ओर से रामलीला में सभी व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं। श्री रामलीला मंचन के आयोजन में राजकुमार शर्मा, गोपाल शर्मा सहित अन्य सेवाएं दे रहे हैं।