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‘जहां मूवमेंट नजर आती है, फायर ठोको…’, UNSC बैठक में आतंकी का ऑडियो चला पाकिस्तान को भारत ने किया एक्सपोज

मुंबई
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंकवाद पर मुंबई में हो रही मीटिंग में भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान को एक्सपोज कर दिया। कई अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने भारत ने मुंबई में साल 2008 में हुए आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड साजिद मीर के ऑडियो क्लिप को चलाया, जिसमें वह गोलीबारी करने की बात कह रहा है। मुंबई में दो दिनों तक चलने वाली यह बैठक आज (शुक्रवार) से ही शुरू हुई है। मुंबई ताज पैलेस होटल में आयोजित की जा रही यूएनएससी की बैठक में भारत ने बताया कि हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी, साजिद मीर, अब्दुल अल काफा, अब्दुल अजीज आदि आतंकियों ने 26/11 के आतंकी हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 
‘जहां मूवमेंट नजर आती है, फायर ठोको…’
आतंकी साजिद मीर को यूएनएससी की ब्लैकलिस्टिंग पर रोक लगाने के लिए चीन पर बिना नाम लिए कटाक्ष करते हुए, भारत ने उसका ऑडियो चलाया, जिसमें वह चाबड़ हाउस यानी नरीमन हाउस में आतंकवादियों को छतों पर घूम रहे लोगों पर गोलियां चलाने के लिए कह रहा है। इस ऑडियो क्लिप के जरिए से भारत ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। ऑडियो क्लिप में साजिद आतंकी से कहता हुआ सुनाई दे रहा है, ‘‘जहां आपको मूवमेंट नजर आती है। कोई छत पर चल रहा है या आ रहा है, जा रहा है। उस पर फायर ठोको। उसे नहीं पता वहां क्या हो रहा है।’‘ 

साजिद मीर की खोल दी कुंडली
ऑडियो क्लिप सुनाने के बाद साजिद मीर पर पाकिस्तान के पाखंड को उजागर करते हुए भारत ने जोर देकर कहा, “वह कोपेनहेगन में डेनिश अखबार, उसके संपादक और कार्टूनिस्ट को निशाना बनाने के लिए लश्कर के डेनमार्क प्रोजेक्ट के वास्तुकारों में से एक था। सौभाग्य से, नियोजित हमले को समय पर विफल कर दिया गया था। उसे लंबे समय तक मृत घोषित कर दिया गया था। यहां तक कि इस दावे की पुष्टि करने के लिए एक डीएनए परीक्षण का भी इस्तेमाल किया गया था। गहन अंतरराष्ट्रीय जांच के कारण, उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया और एक आतंकी वित्तपोषण मामले में दोषी ठहराया गया। आज की तारीख में, उसकी संयुक्त राष्ट्र लिस्टिंग प्रक्रिया रुकी हुई है।”

‘हमले के मुख्य साजिशकर्ता अब भी सुरक्षित’
इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और योजनाकार अब भी सुरक्षित हैं और उन्हें सजा नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जब कुछ आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने की बात आती है तो कुछ मामलों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद राजनीतिक कारणों से, खेदजनक रूप से कार्रवाई करने में असमर्थ रहा है। विदेश मंत्री ने कहा, ”26/11 आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और योजनाकार अब भी सुरक्षित हैं तथा उन्हें सजा नहीं दी गई है।” जयशंकर ने कहा कि यह स्थिति सामूहिक विश्वसनीयता और सामूहिक हित को कमतर करती है। जयशंकर ने कहा कि स्तब्ध करने वाला यह आतंकी हमला केवल मुंबई पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर हुआ आतंकी हमला था।