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जयपुर में बिजनेसमैन ने खुद को गोली मारकर किया सुसाइड

  • परिवार बोला- पार्टनर 7 करोड़ खा गया था, इसलिए परेशान थे
    जयपुर.
    जयपुर में बिजनेसमैन ने बुधवार को खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे तो सामने कारोबारी लहूलुहान पड़े थे। परिवार वाले फौरन उन्हें कांवटिया हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला शास्त्रीनगर इलाके का है।
    शास्त्री नगर थाना के एएसआई लक्ष्मण सिंह ने बताया कि मनमोहन सोनी (41) आरपीए के सामने स्वर्णकार कॉलोनी में रहते थे। इनका रिद्धि सिद्धि के पास डिपार्टमेंटल स्टोर है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे मनमोहन ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से सीने में गोली मार ली। उस समय घर में मनमोहन, उनकी पत्नी, मां और भाई रोहित सोनी थे। रोहित और पत्नी उन्हें हॉस्पिटल ले गए, पर उनकी जान नहीं बची। उनकी एक बेटी है, जो 12वीं क्लास में पढ़ती है। घटना के समय वो स्कूल गई थी। एक 22 साल का बेटा है, जो बाहर गया हुआ है।
    मनमोहन सोनी के चचेरे भाई समर सोनी ने बताया- मनमोहन का 20 साल पुराना बिजनेस पार्टनर सत्यार्थ तिवाड़ी है। सत्यार्थ तिवाड़ी के पिता रमेश चंद तिवाड़ी राजस्थान पुलिस में डिप्टी थे। सत्यार्थ फाइनेंस का काम करता था। मनमोहन सोनी का पैसा फाइनेंस पर लगा दिया। फिर कोरोना के समय पर सत्यार्थ ने हाथ खड़े कर दिए। घर बुलाकर मनमोहन सोनी को डराया-धमकाया करते थे। बोलते थे- तेरा पैसा गया, तू कुछ नहीं कर सकता है। 7 करोड़ रुपए मानमोहन सोनी ने सत्यार्थ को दिए थे।
    परिजनों ने पुलिस को बताया कि पार्टनर के धोखा देने के कारण वो परेशान चल रहे थे। उन्हें काफी समझाया गया था। सभी का कहना था कि कुछ दिनों में परेशानी ठीक हो जाएगी। पुलिस ने मनमोहन का मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस जांच में जुट गई है।
    मनमोहन सोनी ने दो साल पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था। उस दौरान सोनी ने बहुत सारी गोलियां एक साथ खा ली थीं। तब भी शास्त्री नगर थाना पुलिस ने एफआईआर करने से मना कर दिया था। जैसे-तैसे एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में सत्यार्थ तिवाड़ी ने एफआर लगवा दी थी। पीड़ित परिवार ने बाद में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद पुलिस बोली थी कि यह सिविल का केस है। ज्यादा कुछ नहीं हो सकेगा।
    तारीख पर तारीख मिलने के कारण मनमोहन सोनी काफी टूट चुके थे। सत्यार्थ तिवाड़ी के पिता रमेशचंद तिवाड़ी बेटे का केस लड़ रहे थे। कोर्ट में तारीख पर तारीख ले रहे थे। अब तक वह 8 से अधिक तारीख ले चुके हैं। इससे परेशान होकर सोनी ने बुधवार को सुसाइड कर लिया।
    जयपुर की नाहरगढ़ पहाड़ी की घुमावदार सड़कों पर रात के तीन बजे स्कॉर्पियो दौड़ाते दोस्तों की जान पर बन आई। बेकाबू स्पीड में भागती गाड़ी पहाड़ी के एक कोने से 500 फीट नीचे खाई में जा गिरी। तेज धमाके से पूरा एरिया गूंज उठा। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक्सीडेंट की आवाज काफी दूर तक सुनाई। इस भयानक हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि कार सवार चार युवक बुरी तरह से घायल हैं।