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घोषणा के एक साल बाद खुले आवासीय विद्यालय, अभी तक शुरू नहीं हुए प्रवेश

सीकर। सरकारी महकमे मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं में भी लापरवाही से नहीं चूक रहे है। पिछले साल बजट में मुख्यमंत्री ने दिव्यांग विद्यार्थियों को राहत देने के लिए प्रदेश के छह शैक्षिक संभागों में आवासीय विशेष विद्यालय शुरू करने की घोषणा की थी। पिछला साल विभाग ने स्कूल चयन में गुजार दिया। इस साल विभाग ने कोटा, अजमेर, जोधपुर, पाली, चूरू व भरतपुर में विशेष आवासीय विद्यालय शुरू करने का ऐलान कर दिया। पिछले दिनों विभाग ने प्रधानाध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, तृतीय श्रेणी शिक्षक व वार्डन सहित अन्य कार्मिकों के 84 पदों की वित्तिय व प्रशासनिक व वित्तिय स्वीकृति जारी कर दी। लेकिन समस्या यह है कि इन स्कूलों के लिए जुलाई महीने की शुरूआत में भवन तय हुए है। ऐसे में सवाल यह है कि इस महीने में ही दाखिले की प्रक्रिया चल जारी है। ऐसे में विद्यार्थियों के दाखिले कैसे होंगे। दूसरी तरफ समस्या है कि आवासीय विद्यालयों के भवनों की मरम्मत के लिए भी विभाग को बजट चाहिए। लेकिन इसमें देरी की वजह से कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ऐसे समझें पूरा गणित
विद्यार्थियों को फायदा: विशेष योग्यजनों का घटेगा ड्रॉप आऊट
प्रदेश में छह संभागों में नए विशेष योग्यजन आवासीय विद्यालय खुलने से मूक बधिर, मानसिक विमंदित और नेत्रहीन सहित अन्य श्रेणी के दिव्यांग विद्यार्थियों का पढ़ाई का सपना पूरा हो सकेगा। राजस्थान विशेष शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पवन शर्मा का कहना है कि इससे प्रदेशभर में दिव्यांग विद्यार्थियों के ड्रॉप आऊट का आंकड़ा कम होगा। उन्होंने बताया कि देश में राजस्थान ऐसा देश है कि जहां अब सभी संभाग मुख्यालयों पर विशेष विद्यालय हो जाएंगे।
कितने संभाग में शुरू होने है विद्यालय: 6
कब हुई घोषणा: 2 साल पहले
कितने पदों की स्वीकृति जारी: 84
इससे पहले विशेष विद्यालय: 7
केस एक: पता नहीं कब शुरू होंगे स्कूल
जयपुर निवासी दिव्यांग पुनीत ने बताया कि उसके इलाके में भी इस साल आवासीय विशेष योग्यजन विद्यालय खुलना है। लेकिन अभी तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इस कारण जयपुर से टीसी नहीं कटवाई है, पता नहीं वहां कब प्रवेश शुरू होंगे।
केस दो: जिला मुख्यालय पर शुरू हो विद्यालय
दिव्यांग विद्यार्थी श्रीधर ने बताया कि दसवीं कक्षा तो पास कर ली है। लेकिन अब उच्च माध्यमिक कक्षाओं की पढ़ाई को लेकर परिजन चिन्ता में है। उनका कहना है कि सरकार को सभी जिला मुख्यालय पर उच्च माध्यमिक कक्षाओं का संचालन शुरू करना चाहिए।
बेरोजगारों को फायदा: नामांकन बढ़ा तो ज्यादा हो सकेगी विशेष शिक्षकों की भर्ती
रीट 2021 की परीक्षा के दौरान विशेष शिक्षकों की ओर से ज्यादा पदों पर भर्ती का मुद्दा गूंजा था। इस दौरान नामांकन के हिसाब से पद सृजित करने का दावा शिक्षा विभाग की ओर से किया गया। नए आवासीय विद्यालय खोलने से प्रदेशभर में नामांकन और बढ़ेगा। ऐसे में बेरोजगारों को तृतीय श्रेणी व द्वितीय श्रेणी भर्तियों में ज्यादा पद स्वीकृत होने से फायदा मिल सकेगा।
चुनौती: समाज कल्याण के स्कूलों के प्रति ज्यादा क्रेज
शिक्षा विभाग की ओर से छह संभागों में इस साल स्कूल शुरू किए जाने है। जबकि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से पहले से विशेष योग्यजन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग को संसाधन जुटाने में अभी समय लगेगा। जबकि समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों में लगातार सुविधाएं बढ़ रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के स्कूलों की राह में नामांकन बढ़ाने की चुनौती रहेगी।