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घोटालेबाज अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

  • दिव्यांग संघर्ष समिति ने उपखण्ड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों के रियायती पास का दुरुपयोग कर घोटाला करने के मामले में संलिप्त रोडवेज के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर दिव्यांग संघर्ष समिति ने गुरुवार को उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने बताया कि विभिन्न रियायती श्रेणी के कार्ड जो रोडवेज प्रशासन की ओर से बनाए जाते हैं। वह कार्ड समय पर दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों को न देकर अपने पास रखकर उनको कई दिनों तक स्वैप कर रोडवेज प्रशासन अपने लक्ष्यों की पूर्ति, मुख्यालय से वाहवाही लूटने व दिया गया आय का लक्ष्य पूरा करने के लिए कार्डों का गलत तरीके से दुरुपयोग कर सरकार को चूना लगाया जा रहा है। यह मामला उजागर होने के बाद मुख्य प्रबंधक आगार हनुमानगढ़ की ओर से आदेश जारी कर रियायती कार्ड पर संबंधित व्यक्ति के अलावा अन्य व्यक्ति की ओर से यात्रा किए जाने पर तुरन्त उच्चाधिकारियों को अवगत करवाने के आदेश जारी किए गए हैं जो कि न्यायसंगत नहीं हैं। नेत्रहीन दिव्यांगजनों को सरकार की ओर से एक सहायक ले जाने की छूट दी गई थी लेकिन नए रियायती कार्डों पर रोडवेज प्रशासन ने बिना किसी सरकारी आदेश के अपनी मनमर्जी से इस सुविधा को बन्द कर दिया है। इससे नेत्रहीन दिव्यांगों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। दिव्यागों के लिए बस में सीट भी रिजर्व रखी गई है लेकिन भीड़ होने पर भी उससे ज्यादती की जाती है और सीट उपलब्ध नहीं करवाई जाती। समिति पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि रियायती कार्ड रोडवेज डिपू में रखकर आवेदक को चक्कर लगाने पर मजबूर किया जाता है। 2-2 माह तक कार्ड वितरित नहीं किए जाते। रोडवेज प्रशासन के उच्चाधिकारी अपने कर्मचारियों से गलत काम करवा कर वाहवाही लूटने में लगे हैं। इनका मई माह में संभाग में अव्वल रहना भी इस कारगुजारी का ही हिस्सा है। संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने कमेटी गठित करने के लिए जिला कलक्टर का आभार जताते हुए बताया कि दिव्यांग संघर्ष समिति की ओर से निर्णय लिया गया है कि आगामी समय में उन्हें न्याय नहीं मिला तो समिति सदस्यों को धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने इस घोटाले में संलिप्त उच्च अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर हरविन्द्र सिंह, रामस्वरूप, शिवशंकर, मूर्तिदेवी, विरेन्द्रसिंह, गगनदीप, रघुनाथ सिंह, महावीर वर्मा आदि मौजूद थे।