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घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बना रही आशा

  • जिले में बनाए जाने हैं पात्र 5 लाख 95 हजार 503 व्यक्तियों के कार्ड
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लाभार्थियों की पहचान कर रही हैं। आयुष्मान लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। योजना की कार्यदायी संस्था नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की ओर से लॉन्च किए गए आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई एप के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान करने के साथ ही आशा आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थियों को चिन्हित कर रही हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जिले में पात्र 5 लाख 95 हजार 503 व्यक्तियों के कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है। जिला आशा समन्वयक संदीप बिश्नोई ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में केन्द्र सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है। हनुमानगढ़ जिले में 20 अक्टूबर से यह योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत आशा की ओर से घर-घर जाकर मोबाइल फोन के माध्यम से ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन किया जा रहा है। संस्थाओं को मौके पर ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य कार्ड बनाकर दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। एकबारगी आशा को डाटा सत्यापन का कार्य सौंपा गया है। डिजिटली कार्ड बाद में जारी किए जाएंगे। हनुमानगढ़ जिले को 5 लाख 95 हजार 503 कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया है। 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक जनगणना में यह 5 लाख 95 हजार 503 पात्र व्यक्ति हैं। इनका आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। अब तक जिले में सभी आशाओं सहित मेडिकल स्टाफ की ओर से 3554 कार्ड बना दिए गए हैं। रोजाना आशाओं की ओर से 1000 से 1200 कार्ड घर-घर जाकर बनाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि इस माह के अंत या दिसम्बर माह के प्रथम सप्ताह में यह लक्ष्य शत प्रतिशत हासिल कर लिया जाएगा। अभी शुरूआती चरण है। स्टाफ भी ज्यादा प्रशिक्षित नहीं है। इस कारण उन्हें इस कार्य में कुछ दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। लेकिन फिर भी उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। मॉनिटरिंग कर जल्द ही यह लक्ष्य अर्जित करने का प्रयास विभाग का है। प्रत्येक पात्र सदस्य का कार्ड बनाने के लिए उनका वेरिफिकेशन करना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लाभों की बात करें तो राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना पहले से चल रही है। उसी का यह हिस्सा है। इसमें फर्क सिर्फ इतना है कि आयुष्मान भारत योजना केन्द्र सरकार की है जबकि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना राज्य सरकार की योजना है। चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्र परिवार का 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। इसमें सभी तरह की इनडोर और गंभीर बीमारियों का निशुल्क इलाज चिह्नित अस्पतालों में करवाया जा सकता है। इलाज पर खर्च होने वाला समस्त वहन राज्य सरकार की ओर से किया जाता है। वहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना की बात की जाए तो इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि 2011 की जनगणना के पात्र परिवार राजस्थान से बाहर भी जाकर किसी भी सूचीबद्ध हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा सकते हैं। आयुष्मान कार्ड दिखाने पर केन्द्र सरकार ने पांच लाख रुपए तक की मुफ्त चिकित्सा उपचार सुविधा दी है।