Wednesday, November 30निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

गुरु के दर पर उमड़ी आस्था, रागी जत्थे ने किया कीर्तन

  • रागी जत्थों ने बाबा नानक के उपदेशों पर चलने का दिया संदेश
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    सतनाम…वाहेगुरु…सतगुरु नानक प्रगट्या, मिट्टी धुंध जग चानन होया। हर कोने में बाबा नानक की महिमा का गुणगान। कहीं कीर्तन दरबार तो कहीं नगर कीर्तन। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर मंगलवार को पूरा इलाका गुरु नानक देव जी के रंग में रंगा नजर आया। गुरु के दर पर आस्थावानों की कतार लगी नजर आई। गुरु पर्व पर उत्साह और श्रद्धा के साथ गुरुद्वारों में मंगलवार की सुबह से ही गुरु के चरणों में हाजरी लगाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ जो पूरा दिन जारी रहा। गुरु को नमन करने के साथ ही लंगर लगाया गया। गुरु की महिमा का बखान भी हुआ। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के गुरुद्वारों में पूरा दिन धार्मिक आयोजन हुए। प्रकाशोत्सव पर कीर्तन, अखंड पाठ के भोग, प्रवचन का कार्यक्रम हुआ। पूरे दिन बड़ी संख्या में संगत ने गुरुद्वारों में पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक होकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसी क्रम में टाउन के प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा गुरु नानकसर में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में तीन नवंबर से चल रहे लड़ीवार श्री अखंड पाठ के भोग मंगलवार को डाले गए। इसके उपरांत रागी जत्था सुखविन्द्र सिंह सिरसा वालों ने शब्द-कीर्तन किया। गुरु नानक देव जी की ओर से दिए गए उपदेशों पर चलने का संदेश संगत को देते हुए कहा कि नि:स्वार्थ सेवा करना सबसे पुनीत कार्य है। असहाय और असमर्थ लोगों की सेवा करने के लिए सदा ही तैयार रहना चाहिए। इस दौरान अटूट लंगर बरताया गया। इस मौके पर सोहनसिंह, जोगेन्द्रसिंह, बूटासिंह, मलकीत सिंह, अमरजीत सिंह, भजनसिंह, सरजीत सिंह, राजेन्द्र सिंह, जगदीश सिंह, कपूरसिंह, राजवीर सिंह, नरेन्द्रसिंह, जगजीत सिंह, हैप्पीसिंह, सुखविन्द्र सिंह, सतीश कटारिया, रायसाहब आहुजा, जयकिशन चावला, दयाराम मूंड, देवेन्द्र पारीक, विशु वाट्स, कुलदीप सिंह, गोवर्धन भारवानी, राजेश प्रेमजानी सहित अन्य सेवादार मौजूद रहे।