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गुजरात में सस्पेंशन ब्रिज टूटा : 400 लोग नदी में गिरे

अमदाबाद। गुजरात के मोरबी में रविवार शाम बड़ा हादसा हो गया। यहां केबल सस्पेंशन ब्रिज टूटने से करीब 400 लोग मच्छु नदी में गिर गए। इनमें से 70 से ज्यादा लोगों की डूबने से मौत होने की खबर है। यह पुल 6 महीने से बंद था। दीपावली के एक दिन बाद 25 अक्टूबर को ही इसे आम लोगों के लिए खोला गया था। मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है और इसकी लंबाई करीब 765 फीट है। यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। इस ब्रिज का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह 1880 में लगभग 3.5 लाख की लागत से बनकर तैयार हुआ था। इस पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था। इसके बाद इस पुल का कई बार रेनोवेशन किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के आश्रितों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है। घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। राहत व बचाव कार्य के लिए वायु सेना के गरूड़ कमांडों घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
मोरबी के राजा इसी
पुल से दरबार जाते थे
इसी पुल से राजा प्रजावत्सल्य राजमहल से राज दरबार तक जाते थे इस ब्रिज का निर्माण मोरबी के राजा प्रजावत्सल्य सर वाघजी ठाकोर की रियासत के दौरान हुआ था। उस समय राजा राजमहल से राज दरबार तक जाने के लिए इसी पुल का इस्तेमाल करते थे। राजशाही खत्म होने के बाद इस पुल की जिम्मेदारी मोरबी नगर पालिका को सौंप दी गई थी। लकड़ी और तारों से बना यह पुल 233 मीटर लंबा और 4.6 फीट चौड़ा है।