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खुशखबरी: महाराष्ट्र के बाद राजस्थान के किसानों को तोहफा, जल्द खुद कर सकेंगे गिरदावरी

जयपुर। प्रशासन गांवों के संग अभियान और राजस्व विभाग में लगातार किए जा रहे नियमों के सरलीकरण से आम लोगों को काम में राहत मिल रही है. इसके लिए राजस्व मंत्री रामलाल जाट लगातार प्रदेश के जिलों में दौरा कर अधिकारियों की मीटिंग ले रहे हैं.
अधिकारियों से लोगों के कामकाज में आड़े आ रहे पुराने नियमों के सरलीकरण के भी प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं. आने वाले दिनों में भी जिलों के दौरों का अभियान जारी रहेगा. राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि राजस्व मंडल में पद बढ़ाने की बात हो या, नामांतरण खुलवाने की दिक्कत हो सभी जगह नियमों को सरलीकृत किया जा रहा है. जिससे आम आदमी को काम में सहूलियत मिले.
स्वत: खुलेगा नामांतरण
प्रदेश में नामांतरण खुलवाने में लोगों को अधिकारियों के चक्कर लगाना पड़ता था. नामांतरण की फाइल पटवारी, तहसीलदार के पास पड़ी रहती थी. अब नामांतरण के काम को सरलीकृत करने का काम किया गया है. मुखिया की मृत्यु होने पर वारिश के नाम स्वत नामांतरण खोलने का काम राजस्व विभाग ने शुरू किया है. इसके साथ ही नामांतरण खुलवाने में लगने वाले समय को भी 30 दिन निर्धारित किया गया है. आने वाले दिनों में यह समय भी खत्म किया जाएगा. अब निर्धारित समय में अधिकारी फाइल निस्तारित नहीं करता है तो फाइल अपने आप अगली सीट पर पहुंच जाएगी. इसके साथ ही अधिकारी की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी. राजस्व विभाग और पंचायतीराज विभाग के डाटा को एक किया जाएगा. मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड होते ही राजस्व विभाग नामांतरण की प्रक्रिया शुरू कर देगा. इससे लोगों को राहत मिलेगी.
लोन के लिए बैंकों के नहीं लगाना होगा चक्कर
राजस्व मंत्री ने कहा कि किसानों को बैंक से लोन लेने में होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए भी आॅनलाइन सिस्टम लागू किया जाएगा. इससे किसानों को बार-बार बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़े और आसानी से उन्हे लोन मिल सकें. किसानों को ई-धरती पोर्टल पर जमीनों की जमाबंदी, नकल निकालने में सर्वर को लेकर दिक्कत हो रही है, जिसे जल्द दूर किया जा सकेगा. जाट ने कहा कि अब तक 369 में से 360 तहसीलें आॅनलाइन हो चुकी है, बाकी 9 तहसीलें आॅनलाइन होनी बाकी है. आॅनलाइन होने से जमाबंदी, नामांतरण आदि कार्य आसानी से हो सकेंगे.
किसान खुद कर सकेंगे गिरदावरी
आने वाले समय में किसान अपनी फसल की खुद गिरदावरी कर सकेगा. महाराष्ट्र के बाद राजस्थान दूसरा राज्य होगा. जहां किसान अपनी गिरदावरी खुद कर सकेंगे. इसके लिए जल्द पोर्टल लॉन्च किया जाएगा. विभाग ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है. प्रदेश के अधिकारियों की टीम महाराष्ट्र का दौरा करके भी आ चुकी है. अब विभाग की ओर से उसे अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है.