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कीमतों पर सरकार की निगाह, जरूरतों के लिए अनाज का भंडार पर्याप्त

नयी दिल्ली (वार्ता). उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि एक जनवरी, 2023 को केंद्रीय पूल में लगभग 1.59 करोड़ टन गेहूं और 1.04 करोड़ टन चावल उपलब्ध होगा।
केंद्रीय पूल में अनाज की उपलब्धता को खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त बताते हुए सरकार ने कहा कि वर्ष के पहले दिन सामान्यत: 1.38 करोड़ टन गेहूं और 76 लाख टन चावल का भंडारण होना आवश्यक माना जाता है।
गेहूं की नयी फसल की खरीद अप्रैल से शुरू हो जाती है।
मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार इस बार आगामी पहली जनवरी को सरकारी गोदामों में गेहूं और चावल का भंडार आवश्यकता से कहीं अधिक रहेगा। मंत्रालय ने कहा है, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतों को पूरा करने तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अतिरिक्त आवंटन के लिये भारत सरकार के पास केंद्रीय पूल में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
केंद्रीय पूल में 15 दिसंबर को लगभग 1.80 करोड़ टन गेहूं और 1.11 करोड़ टन चावल उपलब्ध था। सुरक्षित बफर स्टॉक के नियमों के अनुसार प्रत्येक वर्ष की एक अप्रैल, एक जुलाई, एक अक्टूबर और एक जनवरी को अनाज का एक न्यूनतम निर्धारित भंडार मौजूद होना जरूरी है।
बयान के अनुसार केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल का भंडार हमेशा इस आवश्यक पैमाने से अधिक रहा है। मंत्रालय ने कहा है कि पिछले मौसम में गेहूं की खरीद यद्यपि कम हुई थी, क्योंकि उत्पादन कम हुआ था और भू-राजनैतिक परिस्थिति के चलते किसानों ने खुले बाजार में एमएसपी से अधिक कीमत पर अनाज बेचा था। इसके बावजूद गेहूं की अगली फसल के आने तक देश की जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय पूल में गेहूं का पर्याप्त भंडार मौजूद रहेगा।
रबी विपणन वर्ष 2023-24 के लिये सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 2125 रुपये/क्विंटल कर दिया गया है। रबी विपणन वर्ष 2022-23 के लिए गेहूं का एमएसपी 2015 रुपये/क्विंटल था।
मंत्रालय को उम्मीद है कि एमएसपी में 110 रुपये/क्विंटल की बढ़ोतरी के साथ मौसम संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए गेहूं की आगामी फसल का उत्पादन व खरीद सामान्य रहेगी। नए गेहूं की खरीद अप्रैल 2023 से आरंभ होगी।