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‘कांग्रेस तकलीफ में है, भागना जानता नहीं’, अनुशासित मोड पर CM गहलोत

जयपुर
सीएम गहलोत ने कहा कि मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं है। कांग्रेस आलाकमान जो मुझे कहेगा वह मैं करूंगा। प्रमुख विपक्ष की भूमिका निभाने में कांग्रेस कामयाब हो, इसके लिए अनुभव का लाभ मिले, इसका प्रयास करेंगे। कांग्रेस कैसे मजबूत हो, इसके लिए मैं जान लगाना चाहता हूं। मेरा बस चले तो मैं कोई भी पद ना लूं। अभी पार्टी तकलीफ में है। तकलीफ में मैं भागना जानता नहीं। देश में मजबूत विपक्ष होना बहुत जरूरी है। कांग्रेस को मजबूती प्रदान करने के लिए राहुल गांधी निकल पड़े हैं। कांग्रेस को मजबूत करने के अभियान में राहुल गांधी के साथ हूं। सोनिया गांधी का फैसला मेरे लिए सबसे पहले। 50 साल के राजनीति करियर में यही स्टैंड रहा है। गांधी परिवार के वफादार सिपाकी के तौर पर उनके सुख दुख में साथ खड़े रहना। 
प्रायश्चित और अनुशासित मोड पर गहलोत 

उल्लेखनीय है कि सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस के सियासी संकट पर कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी से माफी मांग ली। सीएम गहलोत ने आज दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरा वहीं दृष्टिकोण है। सोनिया गांधी के आदेशों को मना नहीं कर सकता। मुझे सीएम रहना है या नहीं यह निर्णय सोनिया गांधी को लेना है। मैं गांधी परिवार के खिलाफ नहीं जा सकता। मेरे शुरू से यही दृष्टिकोण रहा है। सीएम गहलोत राजस्थान की राजनीति के बड़े नेता माने जाते हैं। गहलोत को कभी किसी चुनौती नहीं मिली। पहली बार सचिन पायलट ने गहलोत को मजबूत चुनौती दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गहलोत इतनी आसानी से हार मान लेने वाले नहीं है। गहलोत की कुर्सी जाती हौ तो पूरी कोशिश अपने समर्थक को सीएम बनाने की रहेगी।