कचरा प्लांट पर घमासान: अब नरसिंहपुरा में भारी विरोध, आज जुटेगी महापंचायत

सीमा सन्देश | श्रीगंगानगर
शहर के कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की योजना एक बार फिर विवादों में फंस गई है। प्रशासन द्वारा प्लांट को नेतेवाला से स्थानांतरित कर नरसिंहपुरा मांझूवास बारानी में लगाने के फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में आक्रोश बढ़ गया है। प्लांट के विरोध में मंगलवार को नरसिंहपुरा के महर्षि गौ सेवा सदन में ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें इस निर्णय का विरोध किया गया और बुधवार को गुरुकुल आश्रम में विशाल महापंचायत करने का ऐलान किया गया। बैठक में गौ रक्षा सेवा दल के अध्यक्ष मैसी चौधरी सहित अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव को गुमराह कर यह आत्मघाती निर्णय करवाया है।

ग्रामीणों ने बताया कि नेतेवाला में वर्ष 2016 से प्रक्रिया चल रही थी, एनओसी और टेंडर तक फाइनल हो चुके थे। हाईकोर्ट ने भी 3 मार्च को स्पष्ट आदेश दिए थे कि नेतेवाला में एक माह के भीतर काम शुरू किया जाए, इसके बावजूद स्थान परिवर्तन कर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नेतेवाला में 17 बीघा जमीन उपलब्ध थी, जबकि नरसिंहपुरा में प्रस्तावित जमीन मात्र 13 बीघा है और वह भी खेतों के बीच स्थित है।

महापंचायत में मांझूवास, गणेशगढ़, चक 22 एमएल, 23 एमएल, 24 एमएल (लट्ठांवाली), खीचड़ांवाली, सुलेमानकी हैड, चक 51 एलएनपी, 38 एलएनपी और आसपास की ढाणियों के लोग शामिल होंगे। बैठक में मैसी चौधरी, महेंद्र खोथ, सरपंच हंसराज बामणिया, डायरेक्टर मदन सोनी, राकेश ज्याणी, रामप्रताप मंजू, डॉ. बाबूलाल, डॉ. रूपराम महिया, सुभाष रेवाड़, सुरेंद्र मांझू, बंटी नायक, अजय गंगानगरिया, इंदरसेन पोटलिया, गौतम मांझू, राजाराम बेनीवाल, श्रीराम बुरड़क, पप्पू बुरड़क, कृष्णलाल महिया, मदन माहिया, सुनील रेवाड़, संदीप मांझू सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।

वहीं चक 6 में स्थित डंपिंग पॉइंट हटाने के मामले में बुधवार को न्यायालय में सुनवाई होनी है। जानकारी के अनुसार इस दौरान जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होंगे और संभावना है कि नेतेवाला व 1 एफ छोटी के ग्रामीणों की ओर से भी अधिवक्ता अपना पक्ष रखेंगे।

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