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एनएसएस के स्थापना दिवस पर लिया समाजसेवा का संकल्प

  • सड़क सुरक्षा चौपाल में स्वयंसेविकाओं को दी यातायात नियमों की जानकारी, निकाली जागरूकता रैली
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवा छात्रों के व्यक्तित्व और चारित्रिक विकास के प्राथमिक उद्देश्य के साथ 24 सितंबर 1969 को शुरु की गई राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का शनिवार को 53वां स्थापना दिवस था। कॉलेजों एवं स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित कर एनएसएस का स्थापना दिवस मनाया गया। इस क्रम में जंक्शन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा चौपाल में यातायात प्रभारी अनिल चिन्दा की ओर से एनएसएस स्वयंसेविकाओं को ट्रेफिक नियमों की जानकारी दी गई। यातायात प्रभारी ने 18 साल की आयु पूरी होने से पहले वाहन न चलाने, दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग करने, चौपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने, शराब पीकर वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने सहित अन्य नियमों की पालना करने का आह्वान किया। साथ ही छात्राओं से आह्वान किया कि वे साइकिल पर स्कूल आते-जाते एक पंक्ति में सड़क के किनारे चलें। बीच सड़क में साइकिल न चलाएं ताकि हादसे की आशंका को समाप्त किया जा सके। उन्होंने सरकार की जीवन रक्षक योजना के तहत दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की मदद करते हुए अस्पताल पहुंचाकर अच्छा मददगार बनने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों की पालना करने की शपथ दिलाई। प्रधानाचार्य रेणु ने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य ‘सेवा के माध्यम से शिक्षा’ है। एक एनएसएस स्वयंसेवी ‘स्वयं’ से पहले ‘समुदाय’ को स्थान देता है। यह शिक्षा के तीसरे आयाम का हिस्सा है, अर्थात् मूल्यवर्धक शिक्षा है जो कि तेजी से महत्वपूर्ण बनती जा रही है। स्वयं के व्यक्तित्व को विकसित करने के अलावा एनएसएस स्वयंसेवियों ने समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि छात्राएं इस प्रकार की गतिविधियों में सहभागिता करें। इससे न केवल उनका मानसिक स्तर अच्छा होगा अपितु वह समाज संग सामंजस्य करना भी सीखेंगी। इस मौके पर व्याख्याता मधुबाला, एनएसएस प्रभारी अभिलाषा, ओमप्रकाश नांदेवाल, कुंतेश देवी, विनोद कुमार, ज्योति, हैड कांस्टेबल वासुदेव, कांस्टेबल पीरूमल आदि मौजूद थे। सड़क सुरक्षा चौपाल के बाद स्वयंसेविकाओं की ओर से शहर में रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने नागरिकों को यातायात नियमों की पालना करने के लिए जागरूक किया। हेलमेट लगाओ, जान बचाओ सहित अन्य नारों के जरिए दुपहिया वाहन चालकों से हेलमेट लगाने की अपील की। खास बात यह कि रैली में शामिल कुछ छात्राओं ने बकायदा हेलमेट पहना हुआ था। रैली पुन: विद्यालय पहुंचकर सम्पन्न हुई। इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने समाजसेवा करने का संकल्प लिया।