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उपचुनाव में जीत, फिर संजय राउत की रिहाई; उद्धव ठाकरे को कैसे मुश्किल वक्त मिल रहे बूस्टर

मुंबई
अंधेरी ईस्ट उपचुनाव में रुतुजा लटके की जीत और फिर संजय राउत की जेल से रिहाई ने उद्धव ठाकरे कैंप में अच्छे दिनों की वापसी के संकेत दिए हैं। संजय राउत बुधवार शाम को जब जेल से निकले तो शिवसैनिक उनके स्वागत के लिए तैयार खड़े थे। ‘टाइगर इज बैक’ के नारों के साथ शिवसैनिकों ने जश्न मनाया और उनके बंगले में भी दिवाली जैसी सजावट की गई थी। यही नहीं उद्धव ठाकरे ने फैसले के तुरंत बाद कॉल किया और फिर जेल से निकलने के बाद मुलाकात भी की। एक तरह से संजय राउत की रिहाई को शिवसेना अपनी जीत के तौर पर पेश करना चाहती है।
दरअसल अदालत ने उन्हें बेल देते हुए गिरफ्तारी को ‘अवैध’ करार दिया और चुन कर उनके खिलाफ ऐक्शन लिए जाने की भी बात कही। यही वजह है कि शिवसेना संजय राउत की रिहाई से उत्साहित है। संजय राउत जेल से निकलने के तुरंत बाद बालासाहेब ठाकरे के शिवाजी पार्क स्थित स्मारक पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने जो कहा वह शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के लिए एक नई सियासत के आगाज जैसा था। उन्होंने कहा कि हम योद्धा हैं और हमारी लड़ाई जारी रहेगी। 

राउत बोले- उन्हें पता नहीं है कितनी बड़ी गलती कर दी

पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की खुलकर आलोचना करने वाले संजय राउत ने कहा, ‘वे नहीं जानते हैं कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती मुझे गिरफ्तार करके की है। यह उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी गलती साबित होगी। उन्हें जल्दी ही यह पता चल जाएगा।’ आदित्य ठाकरे ने भी संजय राउत की रिहाई पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि राउत रिहा हो गए हैं। हर ईमानदार नागरिक को इस फैसले से खुशी होगी। लेकिन एक चीज सोचने वाली है कि क्या हम तानाशाही की ओर बढ़ रहे हैं? हर किसी को इस पर सोचना ही चाहिए।