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आदर्श जीवन का पवित्र ग्रंथ है श्री गुरु ग्रंथ साहिब

  • श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुरुता गद्दी दिवस को समर्पित खुले दीवान सजाए
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    टाउन के प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा गुरुनानकसर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 314वें गुरुता गद्दी दिवस को समर्पित दो दिवसीय रात्रिकालीन खुले दीवान सजाए गए। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चरणजीत सिंह खालसा आनंदपुर साहिब वालों ने मौजूद संगत को बताया कि सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का संपादन किया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश 16 अगस्त 1604 को हरिमंदिर साहिब श्री अमृतसर में हुआ। 1705 में दमदमा साहिब में दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी ने गुरु तेग बहादुर जी के 116 शब्द जोड़कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब को पूर्ण किया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में कुल 1430 पृष्ठ हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में मात्र सिख गुरुओं के ही उपदेश नहीं हैं, वरन 30 अन्य हिंदू संत और अलग धर्म के मुस्लिम भक्तों की वाणी भी सम्मिलित है। वास्तव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी किसी समुदाय विशेष के लिए न होकर समस्त मानवता के सरोकारों की वाणी है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब आदर्श जीवन का पवित्र ग्रंथ है। उन्होंने बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी निराकार परमात्मा की सत्ता के दर्शन कराती है और साथ ही उसकी सर्वव्यापकता को प्रकट कर मानव जीवन के सामान्य व्यवहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का महान उपकार करती है। गुरुवाणी के अनुसार, परमात्मा निराकार होकर भी घट-घट में व मनुष्य के मन में भी आकार ले रहा है। इस सर्वव्यापकता में परमात्मा को खोजना ही भक्ति है। उसकी कृपा के बिना मनुष्य की बड़ी से बड़ी उपलब्धियां अर्थहीन हैं। वह अंतर्यामी है और मनुष्य के पल-पल का लेखा रख रहा है। उसके भय में जीवन गुणवान कर और प्रेम भावना से उसको पूर्णत: समर्पित होकर ही उसकी कृपा प्राप्त होती है। हिंदू धर्म-दर्शन का अनुसरण करते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी भी चौरासी लाख योनियों के चक्र में जीवात्मा के आवागमन की बात करती है एवं मनुष्य योनि को आवागमन के चक्र से मुक्त हो परमात्मा में लीन होने का दुर्लभ अवसर मानते हुए सचेत करती है कि वह हर पल का सदुपयोग करे। हेड ग्रंथी जोगिन्द्र सिंह ने इलाके की सुख-समृति की कामना की अरदास की। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी प्रधान बलकरण सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में सभी धर्मांे के नागरिकों के लिए नि:शुल्क पंजाबी सिखाने कि क्लासें चलाई जा रही हैं। जसविंद्र सिंह व जशनदीप कौर की ओर से पंजाबी सिखाई जा रही है। इस मौके पर टाउन के व्यापार मंडल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा व गुरुघर के सेवादार कुलदीप सिंह की पुत्री कोमल को 12वीं कक्षा में 100 में 100 अंक लाने पर नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर उपप्रधान अमरजीत सिंह, राजेन्द्र सिंह, सचिव कमलजीत सिंह, कोषाध्यक्ष भजनसिंह, कपूरसिंह, सुखदेव सिंह, सुरजीत सिंह, मुखत्यार सिंह आदि मौजूद रहे।