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अशोक गहलोत के मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को बताया ‘सावन का अंधा ‘

जयपुर
राजस्थान में आरोप-  प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रदेश के मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह पर पलटवार करते हुए सावन का अंधा बताया है। बता दें, हाल ही में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने मंत्री गुढ़ा को बिना पेंदे का भरतपुरिया लोटा बताया था। इसके जवाब में राजधानी जयपुर में मंत्री गुढ़ा ने उन पर जोरदार हमला बोला और कहा कि वो केंद्रीय मंत्री को जोधपुर जाकर जवाब देंगे। गुढ़ा ने कहा कि भले ही गजेंद्र सिंह शेखावत का जन्म शेखावटी में हुआ हो, लेकिन हकीकत यह है कि उनकी शेखावटी की सियासत में कोई पकड़ नहीं है। आगे उन्होंने केंद्रीय मंत्री को शेखावटी से चुनाव लड़ने की भी चुनौती दी। 

इशारों में गहलोत को दी पद छोड़ने की सलाह

मंत्री गुढ़ा ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने महज 33 साल की उम्र में दुनिया में अपना नाम कर लिया था. वहीं, सिकंदर 27 साल की उम्र में दुनिया जीत चुका था. ऐसे में साफ है कि नौजवानों ने परिणाम दिए हैं। युवावस्था में अशोक गहलोत ने बेहतरीन करके दिखाया था, जिसे प्रदेश की जनता ने भी हाथों हाथ लिया। लेकिन आज उनका युवाओं के प्रति विचार सही नहीं है। गुढ़ा ने कहा कि पायलट की उम्र में गहलोत मुख्यमंत्री बन गए थे। तब पार्टी में 20-30 वरिष्ठ व अनुभवी नेता थे, जो सीएम बन सकते थे. ऐसे में वरिष्ठ नेताओं को साइड करने के लिए गहलोत ने अपने पक्ष में एक लाइन का प्रस्ताव पारित करवा लिया। 
गहलोत ने वरिष्ठ नेताओं को साइड लाइन किया था 

बता दें, गहलोत ने सोमवार बिना नाम लिए युवाओं के बहाने सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर निशाना  साधा। उन्होंने कहा कि अनुभव को कोई दरकिनार नहीं कर सकता है। ऐसे में प्रदेष में जल्दबाजी दिखाने की बजाए पार्टी के लिए समर्पित होकर युवाओं को काम करने की जरूरत है। वहीं, सीएम के इस बयान पर मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने पलटवार  किया। उन्होंने कहा कि खुद गहलोत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को साइड कर युवावस्था में सीएम बने थे, लेकिन आज गहलोत के सुर में तब्दीली आ गई है। इस दौरान उन्होंने परसराम मदेरणा और शिवचरण माथुर सरीखे वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के नामों का भी जिक्र किया।